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Karauli Shankar Mahadev: बाइक बेचकर आया करौली सरकार के दरबार,गंभीर कैंसर का हुआ इलाज/श्रद्धा देखकर बाबा लौटाए 1,00,000/ रूपया।

बाबा करौली सरकार (Baba Karauli Shankar Mahadev) के दरबार में एक युवक अपनी बाइक बेचकर, अपने कैंसर पीड़ित भाई का इलाज करवाने पहुंचा। बाबा, दरबार के प्रति उस युवक की श्रद्धा देखकर बहुत खुश हुए। उन्होंने उसके 1,00,000/ रुपए भी लौटा दिए और उसके भाई को कैंसर से मुक्त भी कर दिए। यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि उसका भाई गंभीर रूप से कैंसर से पीड़ित था। उसे मुंह का कैंसर था। वह बोल नही पाता था। डॉक्टर साहब बोल चुके थे कि जिंदा रखने के लिए तुम्हारे भाई का जीभ काटना होगा। इसलिए उन्होंने घबरा कर बाबा के दरबार आया ताकि बिना किसी खरोच के मतलब शारीरिक नुकसान के उसका भाई पूर्ण स्वस्थ हो जाए।

बाबा करौली शंकर महादेव
बाबाजी करौली सरकार से बात करता “युवक संकल्प” @यूट्यूब

बाबा करौली शंकर महादेव की दरबार की यह घटना आपको हिला कर रख देगी। आप सोचने पर विवश हो जाइयेगा कि..

आखिर दरबार करता क्या है ?

क्या है दरबार ? कैसे दूर होते है, क्षणभर में शारीरिक और मानसिक रोग। “व्यवसाय और नौकरी” में भी मिलती है अपार सफलता।

क्या सही में भगवान होते है ?

क्या सनातन संस्कृति इतनी शक्तिशाली और विशाल है कि बिना किसी फिजिकल नुकसान के क्षण भर में कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी खत्म कर सकती है ?

क्या बाबा करौली शंकर महादेव मात्र एक व्यक्ति है या कुछ और भी है ? आखिर क्या है बाबा करौली सरकार। कैसे करते है इलाज।

मैं आज, बाबा करौली शंकर महादेव, कानपुर, उत्तरप्रदेश के दरबार में घटित एक अद्भुत, आश्चर्यजनक किंतु सत्य घटना को आपके सामने प्रस्तुत करने जा रहा हूं जिसे सुनकर/पढ़कर आप चकित हो जायेंगे।

जिंदा रखने के लिए काटने होंगे जीभ से लेकर कैंसर से मुक्ति और बाबा द्वारा एक लाख रूपया लौटाने तक की पूरी घटना

रोज की भाती बाबा करौली सरकार का दरबार लगा। फरियादी आने लगे और मैक के पास जाकर अपना दुखड़ा सुनाने लगे। उसी में एक फरियादी एक नवयुवक था। जिसका नाम था “संकल्प”। वो अपना भाई के साथ बाबा के सामने मैक के पास आया और बाबा को सादर प्रणाम करके अपना दुखड़ा सुनना शुरू किया। उन्होंने बोला कि बाबा जी दरबार आने से पहले दरबार का एक चमत्कार मैं आपको सुनाना चाहता हूं। मैं अपने भाई की कैंसर से मुक्ति के लिए “एकदिवसीय हवन प्रक्रिया” में भाग लेना चाहता था। इसके लिए करीब 1,60,000/ रूपया इकट्ठा करने थे। मेरे पास पैसा नहीं था तो मैंने सबसे पहले अपनी बाइक बेच दी। उसके बाद इधर – उधर से कुछ पैसा जैसे – तैसे जमा किया। फिर भी पैसा पूरा नही हुआ। तब मैंने बाबा का बहुत स्मरण किया और अनुरोध किया कि कृपया कर मेरी मदद कीजिए। उसके बाद चमत्कार सा हो गया। जो व्यक्ति या रिश्तेदार मुझे नापसंद करता था। मुझसे या मेरे परिवार से बात भी नही करता था। उससे भी पैसे मांगने पर मुझे तुरंत पैसे दे दिए। कभी मना नहीं किया। यह एक चमत्कार से कम नहीं था क्योंकि मुझ गरीब को जिसका भाई भी कैंसर से मरने वाला हो, कौन पैसा दे सकता है महाराज! आप सोचिए गुरुदेव, कौन दे सकता है पैसा! इस बात को बोलकर वह नवयुवक संकल्प मैक पकड़कर फुट – फुट कर रोने लगा। बाबा उसे शांत करवाए। उसके बाद उन्होंने आगे कहना शुरू किया। मैने बाबा की असीम कृपा से पर्याप्त पैसे इकट्ठा कर लिए और दरबार आया।

गंभीर कैंसर इलाज करते बाबा करौली सरकार @यूट्यूब

बाबा करौली सरकार बोले कि भगवान शिवशंकर, माता कामख्या और श्रीगुरू राधारमण बहुत कृपालु और दयावान है। जो भी व्यक्ति तन – मन से बाबा की भक्ति करता है उसे जरूर पुण्य फल मिलता है। जैसे तुम्हे मिला। अच्छा, चलो ठीक है अब बताओ कि दरबार क्यों आए हो।

कैंसर का हुआ इलाज जिसे डॉक्टर बोल चुके थे कि जिंदा रखने के लिए काटने होंगे जीभ।

बाबा करौली शंकर महादेव के कहने पर उस नवयुवक ने कहा कि मेरा भाई कैंसर से गंभीर रूप से पीड़ित है। यह बोल नही पाता है। इसे भूख आदि नही लगती है। पूरा शरीर में दर्द रहता है। रात भर दर्द से चिल्लाता रहता है, सो नहीं पाता। डॉक्टर से इलाज करवा रहा था। उन्होंने बोला कि इसके मुंह में कैंसर है। जिंदा रखने के लिए इसके जीभ काटने होंगे तब जाकर यह ठीक हो सकता है।

ऐसा सुनकर मेरा होश उड़ गया। मैने सोचा कि शरीर से टुकड़े करने से पहले एकबार बाबा करौली शंकर महादेव के दरबार जरूर जाऊंगा और बाबा से मिलूंगा ताकि कैंसर का इलाज करवा सकूं इसलिए आपके दरबार आया हूं बाबा जी। कृपयाकर मेरे भाई को ठीक कर दीजिए।

उसके बाद बाबा श्री करौली सरकार जी ने कहा कि इसे मैक पर लाओ। कैंसर से पीड़ित व्यक्ति मैक पर आया। बाबा उसके मुंह से उसके दुखड़े सुने, हालांकि अब वह सही से बोल नही पाता था। बहुत मुश्किल से अस्पष्ट रूप से कुछ शब्द बोल सका। बाबा बोले कि आप अपने स्थान पर लेट जाओ। उसके बाद उन्होंने पीड़ित व्यक्ति के मां को बुलाए और बोले कि अपने बेटे का हथेली पकड़ कर बैठ जाइए। उसकी मां ने बाबा के कहे अनुसार अपने कैंसर पीड़ित बच्चे के पास आई और उसके हथेली पकड़ कर बैठ गई। उसके बाद बाबा अपने दिव्य शक्तियों का इस्तेमाल करके सूक्ष्म रूप से दरबार में मौजूद चिकित्सको द्वारा उसके शरीर का ऑपरेशन करवाए। चिकित्सको ने सूक्ष्म शरीर के कैंसर से पीड़ित सारे अंगों को बाहर निकाल दिए और नए स्वस्थ अंग उसमे जोड़ दिए। जब उस व्यक्ति के शरीर से सारे रोगकारक चीजों को बाहर निकाल दिया गया तब बाबाजी उसकी मां को बेटे से अलग होने के कहा। मां अपने बेटे की हथेली छोड़कर अलग हो गई। उसके बाद बाबाजी पीड़ित व्यक्ति को पांच बार “ॐ नमः शिवाय” बोलकर उठने के लिए बोले। पीड़ित व्यक्ति भी भगवान शिव का प्रभावकारी मंत्र “ॐ नमः शिवाय” को पांच बार बोला। तब बाबा बोले कि खड़ा होकर, फिर से “ॐ नमः शिवाय ” बोलकर पांच बार अपना बंधन खींचो। पीड़ित युवक ने ऐसा ही किया।।

उसके बाद बाबा जी बोले थोड़ा बहुत इधर – उधर घूमो और बताओ कैसा लग रहा है। युवक ने ऐसा ही किया और उन्होंने मैक के पास जाकर अपनी लड़खड़ाती शब्दो में कहा कि बाबा जी बहुत अच्छा लग रहा है। सारे शरीर के दर्द खत्म हो गए है। मन भी अच्छा और शांत लग रहा है। थोड़ा सही से बोल पा भी रहा हूं इस घटना को वहां मौजूद सभी लोगो ने देखा। उसके बाद लोगो ने खुश जाहिर करते हुए बाबा के जयकारी में ताली भी बजाए।

उसके बाद बाबा जी बोले तुम्हे अब कोई कष्ट नहीं है।अब तुम्हारा सूक्ष्म शरीर पूर्ण रूप से स्वस्थ है इसलिए तुम्हारे इस भौतिक शरीर के सारे जख्म और पीड़ा, आने वाले दिनों में अपने आप गायब हो जाएंगे। जाओ और खुश रहो, बाबाजी पीड़ित व्यक्ति को आशीर्वाद देते हुए ये बाते कही।

बाबाजी करौली शंकर महादेव ने लौटाए एकलाख रुपए

उसके बाद पीड़ित व्यक्ति का भाई “संकल्प” मैक पर आया। उन्होंने बाबाजी को धन्यवाद दिया और सरकारी नौकरी लेने संबंधी बाते की। बाबा बोले सफल हो जाओगे। तब उन्होंने पूछा कि भगवान शिव के महामंत्र “ॐ नमः शिवाय” के जगह “ॐ शिवाय नम:” बोल सकते है क्या। तब बाबा जी बोले उल्टा – सीधा क्यों बोलते हो। शुद्ध – शुद्ध बोलो।

उसके बाद उन्होंने बाबा जी मन में एक सवाल पूछा। मतलब नवयुवक संकल्प ने अपने मन में एक सवाल दोहराया जिसे बाबा जी पढ़ लिए और बोले कि ऐसी बाते मत करो यह तुम्हारे लिए हानिकारक होगा।

“संकल्प” को एक लाख रुपए के चेक पर साइन करते बाबाजी महाराज @यूट्यूब

फिर बाबा जी बोले कि तुमने बाइक कितने में बेची। संकल्प ने बताया कि करीब 35,000/- 40,000/ रूपया में बेचा था। बाबाजी बोले कि करौली शंकर महादेव दरबार आपको 1,00,000/ रूपया रिटर्न करता है। ऐसा सुनकर दरबार में उपस्थित श्रद्धालुओं ने बाबा जी के सम्मान में ताली बजाई। संकल्प भी खुशी के मारे रोने लगा और बाबाजी को धन्यवाद देकर चला गया। बाबाजी उसे 1,00,000/ का चेक भेट किए और बोले इसबार नई बाइक खरीदना। जाओ खुश रहो, सब बढ़िया होगा।।बाबाजी द्वारा आशीष वचन सुनकर संकल्प सहित सभी उपस्थित लोग गदगद हो गए। उसके बाद दूसरे फरियादी मैक के पास आ गए।

आपको बाबा करौली शंकर महादेव के दरबार में घटी यह घटना कैसी लगी। कॉमेंट में जरूर बताइएगा।

आप बताइएगा कि बाबाजी और बाबा का दरबार आपके जीवन में क्या स्थान रखते है ?

इस घटना के बाद सनातन संस्कृति के प्रति आपकी राय क्या है, जरूर बताइएगा।

बाबा जी करौली शंकर महादेव का पता

दरबार का नाम: करौली शंकर महादेव, कानपुर।

स्थान: कानपुर, उत्तरप्रदेश।

व्हाट्सएप नंबर: 9839861919

धन्यवाद

ऐसी सत्य और सनातन संस्कृति की अद्भुत घटनाओं को सुनने/पढ़ने के लिए साइट पर जरूर विजिट करे। धन्यवाद।।

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