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Karauli Shankar Mahadev: सनातन संस्कृति छोड़कर, फैक्ट्री में बनाया पीर का मजार, दुष्ट पीर ने कराई तीन की अकाल मृत्यु। धन का भारी नुकसान।

मैं आज बाबा करौली सरकार (Baba Karauli Shankar Mahadev) के दरबार की एक ऐसी घटना सुनाने जा रहा हूं जिसे देखकर आपको पता चलेगा कि जो व्यक्ति सनातन संस्कृति छोड़कर मियां के देवता को पूजता है या मजार आदि जाता है। उसके ऊपर मुसलमान के देवता किस कदर अत्याचार करता है। उसे जीना हराम कर देता है। उसके सुख – चैन, परिवार, प्यार और धन – संपत्ति सब छीन लेता है। उसे मिट्टी में मिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ता। आपको अहसास हो जायेगा कि इस्लामिक देवता पूजना मतलब मौत की दावत देना। जिसके भीषण दुष्परिणाम आपके और आपके आने वाली पीढ़ियों को भोगने ही होगा।

Baba karauli shankar mahadev
फरियार सुनते बाबा करौली सरकार @यूट्यूब

मुस्लिम पीर ने हिंदुओ परिवार के 03 सदस्यों की दी अकाल मृत्यु और जीवित सदस्यों की कराई कई सर्जरीयां

बाबा करौली शंकर महादेव (कानपुर) का दरबार पहले की भाती सजाया गया। बाबा करौली सरकार आए और अपने आसान पर विराजमान हुए। उसके बाद एक – एक करके फरियादियों को बाबा के सामने भेजा गया। उसमे से एक ऐसी फरियादी थे जो उच्च घराने से संबंध रखते थे। वे इंदौर से अपने पत्नी, बच्चे सहित बाबा के दरबार में आए थे। उन्होंने बाबाजी को सादर प्रणाम किया और अपना दुखड़ा सुनाना शुरू किया।

फरियादी व्यक्ति ने कहा कि मेरी पत्नी की थायराइड ठीक नही हो रही है। अभी डॉक्टर उसके किडनी में पथरी भी बताए है। उनका अपेंडिक्स का ऑपरेशन भी हो चुका है। वैसे मेरे घर में परिवार के सभी सदस्यों सहित 02 साल के बच्चे का भी सर्जरी हो चुकी है। मेरी खुद की 03 सर्जरी हो चुकी है। बाबाजी बोले कि अपनी पत्नी को बुलाओ। उनकी पत्नी आई और बाबाजी को सादर प्रणाम करके मुस्कुराते हुए अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि डॉक्टर साहब मुझे “किडनी और गोलब्लेडर” में हुए पथरी की ऑपरेशन के लिए बोले है। जब मैंने अपना मां – भाई को ये बाते बताई तो उन्होंने कहा पहले करौली बाबाजी को दिखला लो। हकीकत पता चल जायेगा कि किडनी में Stone है या नही इसलिए आपके दरबार आया हूं । मुझे विश्वास है कि यदि होगा भी तब खत्म हो जाएगा।

इंदौर से आए फरियादी @यूट्यूब

बाबाजी बोले आप दोनो अपनी अपनी आंखे बंद करे। उसके बाद बाबाजी अपने दिव्य दृष्टि से उन दोनो पति – पत्नियों के हो रहे सारे दुखों/कष्टों का निरीक्षण किए। उसके बाद बाबाजी बोले कि आप लोग अपनी – अपनी आंखे खोल लीजिए और मेरी बात को सुनिए।

बाबाजी बोले कि आपके यहां जितनी भी सर्जरी हुई है, सभी के सभी गलत सर्जरी हुई। सर्जरी करने की कोई आवश्यकता नहीं थी क्योंकि शरीर में कोई कष्ट था ही नही। बिना मतलब के चीड़ – फाड़ किया गया। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि आपके परिवार में ऑपरेशन कराने वाली स्मृतियां भरी हुई थी।उन्ही स्मृतियों के कारण सभी लोगो का ऑपरेशन कराया गया। उसके बाद बाबाजी उनलोगो से सवाल किए कि क्या आप लोगो को अंग विशेष में अचानक इतना तेज दर्द उठता था कि सहन कर पाना मुश्किल हो जाता था। उन लोगो ने ज़बाब दिया “हा! ऐसा ही होता था”। फिर बाबा बोले कि आपलोग उसी आनन – फानन में डॉक्टर के पास पहुंचते थे और डॉक्टर साहब तुरंत ऑपरेशन कर देते थे। दोनो पति पत्नी बोले कि हा, ऐसा ही हुआ है।अब आप लोग ठीक है, अब ऐसा कुछ नही होगा। क्या आपको अभी स्टोन वाले जगह पर दर्द हो रहा है, बाबा जी बोले। तब उस व्यक्ति की स्त्री मुस्कुरा कर बोली कि अभी दर्द महसूस नहीं हो रहा है। बाबा जी बोले अब आप सदा अच्छी रहोगी। दरबार का सिर्फ नियम पालन करना।।

इसके बाद व्यक्ति की पत्नी बोली कि मेरी कमर में बहुत दर्द है। बाबाजी बोले कि आपको अब कोई दर्द नही है। आप आगे की ओर झुकाकर देख सकते हैं। जब वो आगे झुकी और दर्द महसूस करना चाही लेकिन उसे दर्द महसूस नहीं हुआ। तब बाबा जी बोले कि आपके पूर्वज आपके कमर, कूल्हे आदि गला रहे थे। अब जाकर आपके पूर्वजों को मुक्त किया गया है। अब वो आपके शरीर में कभी प्रवेश नही करेंगे। तब स्त्री बोली: हां, शायद ऐसा ही है क्योंकि ससुराल पक्ष से जुड़ते ही मुझे कमर दर्द होना शुरू हो गया था। मैने डॉक्टर साहब को दिखाया तब उन्होंने बोला था डिजनरेटिव का मामला है। बाबा बोले कोई डिजनरेटिव का मामला नही है। अब आप दर्द को महसूस कीजिए, आपको दर्द महसूस ही नहीं होगा क्योंकि इसके कारक आपके पूर्वज थे। जो आपके शरीर के साथ गलत हरकत करते थे। जिसके कारण कमर में दर्द होता था।

तीन अकाल मृत्यु और फैक्ट्री में पीर का मजार बनाने के दुष्परिणाम

इंदौर से आए फरियादी @यूट्यूब

फरियादी व्यक्ति बोला कि मेरी पुस्तैनी मकान है। उस मकान में तीन अकाल मृत्यु हुई है। पहले दादा जी गुजर गए। उसके बाद पिताजी और चाचा जी। लगातार हुई अकाल मृत्यु से हम लोग घबरा गए और उस घर को छोड़ दिए। बाबा जी थोड़ा मेरा उस घर को देखिए। बाबा जी बोले: ठीक है, तुम आंख बंद करके उस मकान को देखो। जब उन्होंने जैसे ही उस मकान का ध्यान किया, बाबा जी अपनी दिव्य शक्तियों से उस मकान को देख लिए। उन्होंने उसे आंखे खोलने के लिए बोले और कहे कि आपके मकान में काले वाले मुस्लिम भूत – प्रेतों का अड्डा था। तुम्हारे पूर्वज ने उसकी पूजा की थी जिसके कारण ये सभी तुम्हारे घर को अपना निवास स्थान बना लिया था। मैने अभी सभी को खत्म कर दिया और घर को भी प्रकाशित कर दिया है।

तब उस व्यक्ति ने कहा कि हा, बाबा जी हम लोगों से गलतियां हुई है। मेरी मां पीर के मजार पर जाती थी। मैं भी जाया करता था। हम लोगो ने पीर आदि की बहुत पूजा की है। यहां तक अपनी फैक्ट्री में उसका मजार बना दिया। उसके बाद मेरा फैक्ट्री जो सत्यानाश हुआ, कह नही सकता। कभी कोई लेबर छत से गिर जाए, कभी किसी की हाथ कट जाए तो कभी पैर। नुकसान ही नुकसान। बहुत नुकसान हुआ लेकिन यहां आने से पहले उसे उखड़वा कर फेकवा दिया। थोड़ा मेरी फैक्ट्री को देख लीजिए।

बाबा जी इस बार उसकी बातो को सुनकर बहुत आश्चर्य चकित हुए। किसी की मुस्लिमो में इतनी भक्ति की घर में बना दी मजार। बाबा जी बोले: ठीक है फैक्ट्री देखो। उन्होंने आंखे बंद करके मन में फैक्ट्री का ध्यान किया। बाबा जी वही से अपनी दिव्य दृष्टि द्वारा उसकी फैक्ट्री को देख लिए और सारी बुरी और नेगेटिव चीजों को खत्म कर दिए। उस में सनातन का प्रकाश भर दिए। बाबा जी बोले अब फैक्ट्री को देखो और महसूस करो, फैक्ट्री के प्रति कैसा भाव आ रहा है। व्यक्ति जब आंखे बंद करके उसे देखा तो कहने लगा बाबा जी अब सनातन भाव आ रहा है, लगता है पूजा – पाठ करेंगे। पहले अगरबती भी जलाना नही चाहता था। बाबा जी मुस्कुराए और बोले अब सब ठीक है।

उसके बाद उनकी पत्नी ने बाबा जी मुस्कुरा कर कहा कि मुझे कुछ अजीब चीजों का अहसास होता था। मुझे दो आंखे दिखती थी। बाबाजी जोर से हंसे और बोले: वे सभी गायब हो गए। सबको नष्ट कर दिया गया है। अब देखो कुछ नही देखेगा। है हो नही, उसकी चिंता छोड़ दो। वो सभी का ठिकाना लग गया।

उसके बाद उन लोगो ने अपनी बच्चों को बाबा जी मिलाया और उसके लिए आशीर्वाद मांगी। बाबा जी बोले कि आपके दोनो बच्चे ठीक है। इस बच्ची को भविष्य में बहुत होने वाले थे लेकिन अब सुरक्षित है।

शरीर की बीमारियों, घर, फैक्ट्री, बच्चे और पूर्वज सभी प्रकार के तकलीफों से निजात पाकर उन दोनो पति – पत्नी प्रणाम किया और वहां से चले गए।

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